सट्टा रैकेट का भंडाफोड़: मुख्य खाईवाल समेत 11 गिरफ्तार, थार गाड़ी से लेकर म्यूल खातों तक पूरे तंत्र का खुलासा

दुर्ग/भिलाई: वैशाली नगर थाना पुलिस ने एक बड़े साइबर सट्टा गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए मुख्य सट्टा खाईवाल नितीश कुमार समेत 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में बिहार से संचालित हो रहे ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे के नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जिसमें स्थानीय युवाओं के बैंक खातों का उपयोग किया जा रहा था।
कैसे हुआ खुलासा:
कैनरा बैंक वैशाली नगर के शाखा प्रबंधक परमाल सिंह सिंगोदिया ने पुलिस को जानकारी दी कि बैंक में करीब 111 खाते संदिग्ध लेनदेन में शामिल हैं। खातों में करीब ₹22 लाख से अधिक की राशि होल्ड की गई है। यह राशि साइबर फ्रॉड एवं अन्य वित्तीय धोखाधड़ी से संबंधित पाई गई।
गिरफ्तारियाँ और पूछताछ:
पूर्व में एक महिला उमा शर्मा को भी गिरफ्तार किया गया था, जिसके खाते में फरवरी माह में लगभग ₹5 करोड़ का लेनदेन पाया गया था।
जांच आगे बढ़ी तो टीम ने देहरादून में छापा मारा, जहां बिहार निवासी नितीश कुमार को पकड़ा गया। पूछताछ में उसने बताया कि वह और उसका साथी दीपक कुमार छत्तीसगढ़-भिलाई के लोगों से ₹20,000 में बैंक अकाउंट खरीदते थे और उन्हें क्रिकेट सट्टे में म्यूल अकाउंट के तौर पर इस्तेमाल करते थे।
जप्ती सामग्री:
- 1 महिंद्रा थार गाड़ी (VR-01 HH 9046)
- 3 लैपटॉप
- 3 मोबाइल फोन
- 9 एटीएम कार्ड
- 8 पासबुक
- 2 चेकबुक
- कई बैंक दस्तावेज और सट्टे में उपयोग किया गया डाटा
आरोपीगण:
- नितीश कुमार (बिहार, मुख्य आरोपी)
- ओमप्रकाश केशवानी
- पी. जय कुमार
- नीतेश प्रताप सिंह
- मनमीत सिंह
- बी. मोहन
- गोपाल निर्मलकर
- सचिन खोबरागड़े
- गगनदीप सिंह
- बी. कार्तिक
- सूरज कुमार कुशे
- भीखम साहू (अर्जुन नगर)
नितीश ने बताया कि “लोटस”, “बप्पा”, “रामजानो”, “गोविंदा” जैसे सट्टा पैनल के जरिए खाईवाली की जाती थी। सट्टे से होने वाले लाभ का 22% हिस्सा टीम को दिया जाता था। इन खातों का संचालन डीटीडीसी के माध्यम से कागजात भेजकर किया जाता था।
पुलिस की सराहनीय कार्यवाही:
इस पूरे मामले में वैशाली नगर पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्यवाही की सराहना हो रही है। आगे की जांच जारी है और अन्य खाताधारकों एवं सट्टा नेटवर्क से जुड़े लोगों की तलाश की जा रही है।














